जयारोग्य अस्पताल : ट्रॉमा सेंटर में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण हुई मौत

महिला ने उठाए व्यवस्थाओं पर सवाल

ग्वालियर/सुजान सिंह। जयारोग्य चिकित्सालय इन दिनों अपनी तमाम अव्यवस्थाआें को लेकर लगातार चर्चाओं में बना हुआ है। लेकिन इस बार एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसमें एक महिला ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाए है कि अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण उसके पति की मौत हुई है। लेकिन उसके बाद भी अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जानकारी के अनुसार विगत दिनों 2 जून को हजीरा गदाई पुरा निवासी बंटी राठौर की एक दुर्घटना के दौरान गर्दन की हड्डी टूट गई थी और वह गम्भीर रूप से घायल हो गया था। बंटी के उपचार के लिए उसके परिजन 2 जून को ही जयारोग्य अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे थे, जहां उसका उपचार न होने की बात कहते हुए दिल्ली एम्स हॉस्पीटल के लिए रैफर कर दिया था।

जिस पर बंटी की पत्नी ज्योती अपने पति के उपचार के लिए एम्स पहुंची, लेकिन वहां भी उसे उपचार के लिए भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद ज्योति, बंटी को दिल्ली में आॅल इंण्डिया स्पाइन हॉस्पीटल में लेकर पहुंची, जहां बंटी के आॅपरेशन में करीब आठ लाख खर्च हुए। आॅपरेशन के बाद चिकित्सकों ने दो माह तक बंटी को चिकित्सकों की निगरानी में ही रखने की बात कही, लेकिन परिजनों के पास इतनी वित्तीय व्यवस्था नहीं थी, इसी के चलते वह उसे जयारोग्य लेकर पहुंची और ट्रॉमा सेन्टर में भर्ती करवा दिया। लेकिन शनिवार रविवार की रात बंटी की मृत्यु हो गई। जिस पर ज्योति ने आरोप लगाया है कि विगत कई दिनों से ट्रॉमा सेंटर में एसी बंद पड़े हुए है, जिस कारण बंटी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी साथ ही दम भी घुट रहा था। अगर एसी ठीक होते तो उनकी मृत्यु नहीं होती। वहीं ज्योति का कहना है कि वह इसकी शिकायत अब सम्भाग आयुक्त से भी करेंगी।