भारत को एनएसजी में सदस्यता के मुद्दे पर, चीन के रुख में कोई बदलाव नहीं


बीजिंग:
भारत को एनएसजी में शामिल होने के लिए अभी और कितना इंतजार करना पड़ेगा | चीन ने शुक्रवार को फिर दोहरा दिया कि परमाणु अप्रसार संधि(एनपीटी)पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों के परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में प्रवेश को लेकर उसके रुख में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है| चीन के इस बयान से  भारत के प्रवेश की संभावना को ठेस पहुंची है|

 उल्लेखनीय है कि चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने बताया कि परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के मुद्दे पर एनएसजी में नए सदस्यों के प्रवेश पर चीन के रूख में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है| बता दें कि लू ने यह टिप्पणी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल में अस्ताना में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन से अलग चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई बैठक में एनएसजी में भारत के प्रवेश का मुद्दा उठाए जाने के संदर्भ में की|

बता दें कि भारत को एनएसजी की सदस्यता के लिए अमरीका और कई पश्चिमी देशों के साथ ही समूह के अधिकतर सदस्यों का समर्थन हासिल कर लिया है| लेकिन चीन अपने इस रुख पर अड़ा हुआ है कि समूह के नए सदस्यों को एनपीटी पर हस्ताक्षर करने होंगे. एनएसजी की पूर्ण बैठक अगले सप्ताह स्विट्जरलैंड की राजधानी बर्न में होगी|