पुलिस चौकी बंद, टैेक्सी चालकों के हौसले बुलंद


पुलिस चौकी बंद, टैेक्सी चालकों के हौसले बुलंद

नया बस स्टैंड बना लुटेरों और शराबियों का अड्डा 
शहर की ट्रॉफिक व्यवस्था चौपट आमजनता हो रही परेशान…
यातायात अधिकारियों की सांठ-गांठ से टेैक्सी चालक हावी..
 
नगरसंवाददाता, टीकमगढ़
शहर सहित पूरे जिले भर की यातायात व्यवस्था चौपट हो चुकी है। व्यवस्था को चौपट करने मे टेैक्सियों वालों की ज्यादा मेहरवानी दिखाई दे रही है। टीकमगढ नगर की बात करें तो यहां तो टेैक्सी वालो के इतने तेज मिजाज है कि वह कहीं भी टेैक्सी को खड़ा कर देते है। क्योंकि उन्हें किसी भी अधिकारी का डर नही है। शहर मे न तो टैेक्सी वालों के रूट तय है और न ही उनका स्टॉप बना हुआ है। नये बस स्टेण्ड की टेैक्सी व्यवस्था तो और भी खराब है क्योंकि यहां बस से सवारी उतर नही पाई  कि टैेक्सी चालकों ने पूरी बस को घेर लिया। अब चाहे बस की सवारी उतर पाये या नही उससे उन्हें कोई लेना देना नही। सवारियों को काफी परेशान होकर टेक्सियों के बीच से निकलकर बाहर आ पाती है। 
लुटेरों और शराबियों का अड्डा 
बना नया बस स्टैंड
पुलिस चौकी बंद होने से लुटेरो और शरावियों का भी रात के समय आना जाना बना रहता है। जिससे अपराधों की संख्या और भी बढ़ रही है। टेैक्सी चालक दिन को अपना रोव बनाये हुये है तो वहीं रात को शरावियों और लुटेरों ने अपना अड्डा बना लिया है। रात को यात्रियों को परेशान करते है और मौका लगे तो उन्हें लूट भी लेते है। विगत दिनों ऐसा ही एक नये बस स्टेण्ड का मामला सामने आया था। एक आदिवासी लड़का दिल्ली से मजदूरी करके रात के समय 11 बजे लौटा था। वह स्टेण्ड के अंध्ोरे मे बैठा था तभी  चार लोगों द्वारा उस आदिवासी से मारपीट कर लूट की गई थी। जिसका आज तक कोई सुराग नही  लगा । स्थानीय होटल संचालक ने उस आदिवासी को बचाया था। वह आदिवासरी बडागांव के दरी ग्राम का निवासी था। 
शहर में हो रही चर्चा…
शहर के लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है कि कहीं न कहीं अधिकारियों की सांठ-गांठ से इन टैक्सी चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। इसलिए टैक्सी चालकों की मनमर्जी से टैक्सी को खड़ा किया जाता है। जहां उनका मन चाहे वहीं बना स्टॉप बना लेते हंै। 
अगर किसी को परेशानी है तो वह अपना दूसरा रास्ता देख ले। इतना सब होने के बाद भी जिले की यातायात व्यवस्था को नही सुधारा जा रहा है। न ही इस समस्या को दूर करने पर जन प्रतिनिधियों का ध्यान ही आकर्षित होता दिखाई दे रहा है। यहीं बजह है कि उक्त समस्या जस की तस होते हुये मुंह वाये खड़ी हुई है। जिले के जागरूक नागरिकों का ऐसा मानना है कि अगर कुछ समय और ऐसे ही हालात बने रहे तो शहर सहित अन्य जगहों पर अपराधों मे बढोत्तरी होती ही जाएगी। 
 
यातायात पुलिस नहीं कर रही है कोई कार्रवाई
शहर के नये स्टेण्ड पर बनी पुलिस चौकी काफी समय से बंद पड़ी हुई है। जब पुलिस चौकी चालू थी तो टैक्सी चालक वाहर ही टैक्सी को खड़ा करते थे। लेकिन जब से चौकी बंद हुई तब से उनके हौसले और भी बुलंद हो गए हैं। जैसे ही बस स्टैड के अंदर गई और टैक्सी चालकों ने पूरी बस को घेर लिया। फिर सवारियों को उतरने मे काफी परेशानी होती है। इतना सब होने के बाद भी यातायात पुलिस मौन बनी हुई है।